जसीम के इस खत में अमुवि में मचा दिया घमासान, मामला काफी चर्चा में है।


अमुवि पूर्व मीडिया सलाहकार ने कुलपति से जी॰एस॰टी॰ सम्बधित जानकारी माँगी



अमुवि को परदर्शिता पूर्वक जी॰एस॰टी लागू करना चाहिएः डाॅ॰ जसीम मोहम्मद

अलीगढ़ 26.12.2017ः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (अमुवि) के पूर्व मीडिया सलाहकार डाॅ॰ जसीम मोहम्मद ने अमुवि के कुलपति प्रोफेसर तरीक मन्सूर का ध्यान विश्वविद्यालय में जी॰एस॰टी॰ लागू करने की ओर दिलाते हुए कहा है कि जी॰एस॰टी॰ चार्ज किए बिना कोई भी आर्थिक लेनदेन की श्रेणी मे आता है।

इस सम्बन्ध में अमुवि के पूर्व मीडिया सलाहकार डाॅ॰ जसीम मोहम्मद ने कहा कि अमुवि अपने यहाँ अतिथि गृह में कमरें किराये पर देती है तथा खान पान का भुगतान भी लेती है। इसी प्रकार अमुवि कैलेन्डर, पुस्तकें, काफी टेबल बूक तथा डायरी व अन्य सामग्री की बिक्री भी करती है। डाॅ॰ जसीम मोहम्मद ने कहा कि अमुवि अपने स्टूडेन्टस स्टैशनरी मार्ट द्वारा स्टैशनरी तथा सम्बन्धित वस्तुओं की बिक्री करती है।


डाॅ॰ जसीम मोहम्मद ने कहा कि 1 जुलाई 2017 को प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी के आर्थिक सुधारों के अन्र्तगत केन्द्र सरकार ने जी॰एस॰टी॰ लागू किया जिससे देश में कर प्रणाली सरल हुई। उन्होंने कहा कि अमुवि देश ही नहीं विश्व की सम्मानित शिक्षण संस्थान है। इसलिए उन्हांेने एक माध्यम से अमुवि कुलपति को आग्राह किया है कि चूकि विश्वविद्यालय कई प्रकार की वस्तुओं की बिक्री करता है तथा सेवायें प्रदान करता है इसलिए विश्वविद्यालय के लिए आवश्यक है कि वह जी॰एस॰टी॰ के अन्र्तगत आर्थिक गतिविधियाँ करें। उन्होंने कुलपति से जानना चाहा कि क्या अमुवि ने जी॰एस॰टी॰ मे पंजीकरण करा के नम्बर लिया है अथवा नहीं? यदि जी॰एस॰टी॰ नम्बर लिया है तो कृपया बताने का कष्ट करें।

डाॅ॰ जसीम मोहम्मद ने कहा कि देशहित में अमुवि को अपनी आर्थिक गतिविधियाँ पारदर्शीत रूप से जी॰एस॰टी॰ के अन्र्तगत करनी चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अमुवि कुलपति विश्वविद्यालय मे पारदर्शिता लागू करते हुए देश एवं जनहित में जी॰एस॰टी॰ सम्बन्धित सूचना देंगे।

डाॅ॰ जसीम मोहम्मद