यहां जिंदा हैं ‘ पक्षीराजन’, चिड़ियों की होती है चहचहाहट

आज के वक्त में जब एक इंसान दूसरे इंसान तक की तकलीफ नहीं समझता, ऐसे दौर में भी कुछ लोग हैं जो बेजुबान पक्षियों का न केवल दर्द समझते हैं, बल्कि उसे कम करने के लिए प्रयासरत भी रहते हैं।

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