क्या यूरोप में अमेरिका के बजाए ईरान का कद बड़ा हो रहा है?

क्या यूरोप में अमेरिका के बजाए ईरान का कद बड़ा हो रहा है?

आईआरजीसी के डिप्टी कमांडर ने कहा है कि आज ईरान को अपनी प्रतिरोधक मीज़ाइल शक्ति के विकास के सामने टैक्नालोजी संबंधी कोई रुकावट नहीं है और उसकी मीज़ाइल क्षमता का विकास रुकने वाला नहीं है।

ब्रिगेडियर जनरल हुसैन सलामी ने ईरान के टीवी चैनल-2 से बात करते हुए कहा कि मीज़ाइल क्षमता का विकास,ईरान के लिए एक मुख्य प्रतिरोधक शक्ति की हैसियत रखता है। उन्होंने कहा कि यह शक्ति केवल ईरान की महान जनता के संकल्प और उन मूल नीतियों के अधीन है जो इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता द्वारा बयान की जाती हैं।

पार्स टुडे न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, आईआरजीसी के डिप्टी कमांडर ने ईरान के प्रतिरक्षा मीज़ाइल कार्यक्रम के बारे में हालिया दिनों में यूरोप वालों की ओर से नकारात्मक प्रचार किए जाने के बारे में कहा कि ईरान की मीज़ाइल क्षमता, देश की क़ानूनी प्रतिरक्षा क्षमता का एक भाग और सुरक्षा की गारंटी है जो प्रतिरोध की नीति पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि अगर यूरोप वाले या अन्य देश षड्यंत्र करके ईरान को मीज़ाइल रहित बनाना चाहेंगे तो फिर ईरान एक “रणनैतिक छलांग” लगाने पर मजबूर हो जाएगा।

ब्रिगेडियर जनरल हुसैन सलामी ने इस बात पर बल देते हुए कि ईरान की मीज़ाइल क्षमता, क्षेत्र की सुरक्षा की सेवा में है, पश्चिमी देशों को नसीहत की कि वे मीज़ाइल के विषय में ईरान से कोई मांग न करें।

उन्होंने क्षेत्र में ईरान की ओर से आतंकवाद से संघर्ष की ओर भी इशारा किया और कहा कि अगर ईरान आतंकियों से न लड़ता तो आज यूरोप अशांति और आतंक में ग्रस्त होता।

आईआरजीसी के डिप्टी कमांडर ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि यूरोप को क्षेत्र में ईरान की उपस्थिति और उसके द्वारा आतंकवाद से संघर्ष का कृतज्ञ होना चाहिए, कहा कि इस समय यूरोप में जो अपेक्षाकृत सुरक्षा स्थापित है वह ईरान द्वारा तकफ़ीरी आतंकवाद और दाइश को दी जाने वाली पराजय का परिणाम है।



from The Siasat Daily http://bit.ly/2DPwIzo